कल्पना मिश्रा की मौत से लेकर जिंदा को मुर्दा बताने तक, SGMH में थम नहीं रहा लापरवाही का सिलसिला, लोग बोले – SGMH जाओ तो मौत पक्की
रीवा। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के गृह जिले रीवा के संजय गांधी अस्पताल ने अब लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है। लोग बीमार होने से कम और SGMH के नाम से ज्यादा डर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि SGMH जाओ तो जिंदा वापस आओगे इसकी कोई गारंटी नहीं है।
डिप्टी सीएम के गृह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर
सबसे हैरानी की बात ये है कि ये सब कांड उसी अस्पताल में हो रहे हैं जो खुद स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अपने गृह जिले का अस्पताल है। जब गृह जिले के सबसे बड़े अस्पताल का ये हाल है तो पूरे मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा आप खुद लगा लीजिए।
कांड पर कांड, फिर भी नहीं जागा अस्पताल प्रबंधन
SGMH में पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक घटनाएं हुई हैं –
पहला कांड: प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत।
दूसरा कांड: जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर दिया।
तीसरा कांड: मरीज ने अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी।
चौथा कांड: वार्ड की छत भरभराकर गिर गई।
और अब पांचवा और सबसे खतरनाक कांड: कुत्ता काटने पर सांप काटने का इंजेक्शन।
ताजा कांड ने तो हद ही पार कर दी
एक युवक कुत्ता काटने पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने SGMH गया। पर्ची पर साफ-साफ DOG BITE लिखा था। लेकिन डॉक्टरों ने पर्ची देखे बिना ही कुत्ते की दवा ARV की जगह सांप का जहर उतारने वाला खतरनाक ASV इंजेक्शन लगा दिया। ये इंजेक्शन इतना खतरनाक है कि गलत लगने पर सीधा एनाफिलेक्टिक शॉक आता है और मौके पर ही मौत हो जाती है।
लोगों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद से रीवा के लोगों में दहशत है। लोग अब कह रहे हैं कि छोटा-मोटा इलाज तो प्राइवेट में ही करा लो, SGMH गए तो कुत्ते के चक्कर में सांप से मर जाओगे। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं – ये अस्पताल नहीं, यमराज का दूसरा घर है।

संवाददाता :- विवेक कुमार द्विवेदी
