तीन किलोमीटर जर्जर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पलेरा तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पलेरा। लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए और पलेरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि गांव से प्रमुख मार्ग तक करीब तीन किलोमीटर सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में भी कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाते हुए अपनी मांग रखी।विद्यार्थियों से लेकर किसानों तक परेशान ग्रामीणों के अनुसार खराब सड़क का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और मरीजों पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। किसानों को कृषि उपज बाजार और मंडी तक पहुंचाने में परेशानी होती है। वहीं किसी ग्रामीण के बीमार होने पर उसे अस्पताल ले जाने में भी मार्ग की खराब स्थिति बाधा बनती है।ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि वाहन फंसने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की मांग की है। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में जल्द से जल्द तीन किलोमीटर सड़क निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।ज्ञापन सौंपने वालों में रामनगर बुजुर्ग सरपंच महेश यादव, चंदू रैकवार, रामस्वरूप रैकवार, रामाधीन, संतोष, राजू, महादेव, कल्लू, राजेश यादव, पवन, आनंद, नंदकिशोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

