अतिथि शिक्षक की नियुक्ति और वेतन पर गंभीर सवाल! राजीव सिंह के खिलाफ शिकायत, अवैधानिक नियुक्ति से लेकर सरकारी राशि के आहरण तक के आरोप

सिंगरौली। जिले के चितरंगी विकासखंड स्थित शासकीय उमावि विद्यालय करैला में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे राजीव सिंह को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायत में नियुक्ति प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता, दस्तावेजों, उपस्थिति, वेतन भुगतान और सरकारी राशि के आहरण को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र के अनुसार, अगस्त 2022 से जनवरी 2023 तक अतिथि शिक्षक वर्ग-2 के रूप में राजीव सिंह की नियुक्ति उनके पिता एवं तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य देव प्रताप सिंह द्वारा किए जाने का आरोप है। इसके बाद जुलाई 2023 से अप्रैल 2026 तक अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के रूप में लगातार कार्य करने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राजीव सिंह की नियुक्ति में शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच तथा पात्रता को लेकर गंभीर सवाल हैं। वहीं, शैक्षणिक कार्यकाल के दौरान उनकी उपस्थिति और कार्य करने की अवधि को लेकर भी जांच की मांग की गई है।
एक अन्य गंभीर आरोप में कहा गया है कि 07 जुलाई से 20 जुलाई 2023, 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2023 तथा 09 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2023 तक राजीव सिंह द्वारा शैक्षणिक कार्य किए जाने के आधार पर सरकारी राशि का भुगतान हुआ। शिकायतकर्ता ने इस भुगतान की वैधता और संबंधित अभिलेखों की जांच की मांग की है।
पत्र में वर्ष 2023-24 के क्रेडिट कार्ड में ‘Deal’ का कोई रिकॉर्ड नहीं होने, पीजी की डिग्री वर्ष 2021-22 में एक ही वर्ष में पूर्ण किए जाने, तथा D.Ed और PG की डिग्री वर्ष 2020 से 2022 के बीच एक साथ हासिल किए जाने जैसे बिंदुओं को भी जांच का विषय बताया गया है।
सबसे गंभीर आरोपों में पूर्व प्रभारी प्राचार्य देव प्रताप सिंह द्वारा अपने पुत्र एवं भतीजों को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त कराए जाने और विद्यालय में उनके शैक्षणिक कार्य के बदले सरकारी राशि के भुगतान का मुद्दा उठाया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या इन नियुक्तियों और भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं? क्या पात्रता एवं शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का विधिवत सत्यापन हुआ था? और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी राशि के भुगतान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जिला शिक्षा विभाग की जांच और आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

संवाददाता :- विवेक कुमार द्विवेदी

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