सिंगरौली जिले के बरगवां थाना पुलिस ने ग्राम मझगवां में हुई अधेड़ महिला की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा करते हुए उसके दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दामाद ने जमीन अपने नाम रजिस्ट्री नहीं करने से नाराज होकर सास की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल बैढ़न भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 21 अगस्त को शाम करीब 4 बजे ग्राम मझगवां स्थित आरोपी के घर में 52 वर्षीय भानमती यादव पति मथुरा यादव निवासी जरहा थाना माड़ा जिला सिंगरौली की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद 22 अगस्त को आरोपी राजेन्द्र प्रसाद यादव पिता सुखनन्दन यादव उम्र 40 वर्ष निवासी मझगवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी सास भानमती यादव की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है।
महिला की मौत संदिग्ध होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
डॉक्टर की टीम से पीएम कार्रवाई कराई गई तथा वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। जांच के दौरान पुलिस को हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
बच्चों की देखरेख के लिए बनाया था पत्नी को सहारा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राजेन्द्र प्रसाद यादव की पहली पत्नी की मृत्यु हो जाने के बाद बच्चों की देखरेख के लिए उसने वर्ष 2025 में भानमती यादव की पुत्री सोनमती यादव निवासी जरहा को प्रेम संबंध के बाद पत्नी बनाकर अपने साथ रखा था। भानमती भी अपनी बेटी सोनमती और दामाद राजेन्द्र के साथ रहती थी।
बताया गया कि भानमती का जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। आरोपी राजेन्द्र चाहता था कि सास अपनी जमीन उसके नाम रजिस्ट्री कर दे। पुलिस के अनुसार भानमती द्वारा जमीन राजेन्द्र के नाम नहीं करने पर दोनों के बीच विवाद होता था। करीब चार-पांच वर्ष पहले भानमती को लकवा मार दिया था, जिससे वह चल-फिर नहीं पाती थी।
जमीन अपने नाम नहीं होने से नाराज राजेन्द्र ने 22 अगस्त की सुबह सास भानमती को घर में अकेला पाकर गमछे से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले को छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने अज्ञात कारणों से मौत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पूछताछ में स्वीकार किया अपराध
पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन में मामले की बारीकी से जांच की गई। एसडीओपी सिंगरौली रोशनी कुर्मी एवं बरगवां थाना प्रभारी अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त तथ्यों के आधार पर आरोपी राजेन्द्र प्रसाद यादव से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने सास की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को 24 अगस्त को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त गमछा जब्त किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जिला जेल बैढ़न भेज दिया गया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
अंधी हत्या के खुलासे में निरीक्षक अनिल कुमार पटेल, उपनिरीक्षक सूरज सिंह, श्यामबिहारी द्विवेदी, प्रधान आरक्षक रामनिवास यादव, राजबहोर रावत, विपिन तोमर एवं आरक्षक महेश पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

