आवारा मवेशियों का डेरा बना स्कूल परिसर, शिक्षक रोज करते हैं सफाई; कई बार मांग के बाद भी नहीं बनी बाउंड्रीवॉल
सिंगरौली। सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुरक्षित परिसर के दावे किए जाते हैं, लेकिन चितरंगी ब्लॉक का शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिरवा इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। विद्यालय में बाउंड्रीवॉल नहीं होने से पूरा परिसर आवारा मवेशियों की पहुंच में है। मवेशी दिनभर परिसर में घूमते हैं और गंदगी फैलाते हैं। हालात ऐसे हैं कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने से पहले स्कूल परिसर की सफाई करने को मजबूर हैं।
सुबह स्कूल खुला तो शिक्षक गोबर साफ करते मिले
शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे पत्रकारों की टीम विद्यालय पहुंची तो मुख्य दरवाजे के पास शिक्षक मवेशियों द्वारा की गई गंदगी और गोबर को हटाते नजर आए। इसके बाद फर्श की धुलाई की जा रही थी। शिक्षकों के अनुसार बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण मवेशी आसानी से विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। स्कूल खुलने के बाद सबसे पहले सफाई करना रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका है।
पौधे लगाए, लेकिन मवेशियों ने कर दिया चट
विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए कई बार पौधरोपण किया गया, लेकिन बाउंड्रीवॉल के अभाव में आवारा मवेशी पौधों को खा जाते हैं। इससे पौधरोपण अभियान भी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक राधेश्याम वैश्य ने बताया कि विद्यालय में बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर विभागीय स्तर पर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में पर्याप्त बड़ा मैदान है। यदि चारों ओर बाउंड्रीवॉल बन जाए तो परिसर सुरक्षित होने के साथ ही विद्यालय की व्यवस्थाएं भी बेहतर हो सकती हैं।
खुला परिसर, मवेशियों की बेरोकटोक आवाजाही
बाउंड्रीवॉल के अभाव में विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। एक ओर जहां बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर स्कूल परिसर में मवेशियों का प्रवेश रोकने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
कई बार मांग के बाद भी जिम्मेदारों की नजर-ए-इनायत नहीं
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मांग रखी गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। विद्यालय के पास बड़ा मैदान होने के बावजूद बाउंड्रीवॉल नहीं होने से उसका समुचित उपयोग और रखरखाव भी प्रभावित हो रहा है।
सवाल – बच्चों को सुरक्षित परिसर कब मिलेगा
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिरवा की यह तस्वीर व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जब स्कूल में पढ़ाई शुरू होने से पहले शिक्षकों को गोबर और गंदगी साफ करनी पड़े, तो जिम्मेदार विभाग की जवाबदेही तय कौन करेगा? विद्यालय प्रबंधन ने शासन-प्रशासन से जल्द बाउंड्रीवॉल निर्माण की मांग की है, ताकि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
अब देखना यह है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान कब होता है और खिरवा के विद्यालय को बाउंड्रीवॉल की सौगात कब मिलती है।

ब्यूरो चीफ :-आशीष सोनी
