कोल्डिहा-खम्हरिया पुल पानी में डूबास्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित,कोरावल विकास मंच ने रैली निकालकर लोनिवि के खिलाफ की नारेबाजी

  चितरंगी तहसील क्षेत्र के कोल्डिहा-खम्हरिया मार्ग में निर्माणाधीन पुल के ऊपर घुटने तक पानी जमा होने से आवागमन बाधित हो गया है। वहीं स्कूली बच्चे भी जहां प्रभावित हैं। उधर ग्रामीण व बच्चों को मगरमच्छों का डर सता रहा है।
्र चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के राजस्व मंडल कोरावल अंतर्गत कोल्डिहा से खम्हरिया तक पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन सड़क मार्ग पर कोल्डिहा बांध में बनाया गया पुल पिछले दो दिनों की बारिश के बाद पूरी तरह पानी में डूब गया है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को आवागमन में हो रही है, वहीं ग्रामीणों को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण कार्य और विभागीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं आवागमन बाधित होने पर ग्रामीणों ने आज रविवार को रैली निकालकर सरकार एवं लोनिवि के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। साथ ही निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बच्चों को मगरमच्छों का सता रहा डर
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान पुल पर पानी जमा होने से बच्चों को स्कूल पहुंचने और वापस घर लौटने में जोखिम उठाना पड़ रहा है। कई ग्रामीण भी जरूरी कामों के लिए मार्ग पार करने को मजबूर हैं। सवाल उठ रहा है कि निर्माण के दौरान जलभराव और बारिश की स्थिति को ध्यान में रखकर तकनीकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह प्रदेश के राज्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है, इसके बावजूद ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने संबंधित सहायक अभियंता, उपयंत्री, एसडीओ और ठेकेदार की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि के नुकसान की भरपाई भी दोषियों से कराई जाए। ग्रामीण अब मामले की शिकायत प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग भोपाल से करने की तैयारी में हैं।
ग्रामीणों ने जमकर किया विरोध प्रदर्शन
कोरावल विकास मंच के बैनर तले कोल्डिहा के ग्रामीणों ने आज रविवार को रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते हुये प्रदेश सरकार एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। आरोप लगाया गया है कि लोनिवि के द्वारा तकनीकी रूप से खामियां की, जिसके चलते बांध का पानी पुल पर जमा हो गया है। करीब 3 फीट पानी जमा है, ऐसे में आवागमन जोखिम भरा रहेगा। यह भी कहा गया है कि तालाब में मगरमच्छ रहते हैं, जो लोगों के लिए खतरे बन सकते हैं। ग्रामीणोंं ने सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि गुणवत्ता विहीन कार्य कराया गया है, जिसके कारण यह हालात बने हैं। ग्रामीणों ने तत्काल निर्माणाधीन पुल को ठीक कराए जाने की मांग करते हुये लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है।

ब्यूरो चीफ : आशीष सोनी

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