बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज डकैती की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे वारदात के पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह और सुनियोजित साजिश के तार सामने आ रहे हैं। पांच हथियारबंद बदमाशों द्वारा बैंक में घुसकर कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाने, फायरिंग कर दहशत फैलाने और लाखों रुपये की नकदी के साथ करोड़ों रुपये का सोना लूटकर फरार होने के मामले में पुलिस अब तक कई महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ चुकी है।
इसी कड़ी में 12 अगस्त को सिंगरौली पुलिस ने बिहार से एक और आरोपी राहुल राज को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार राहुल राज पिता उपेंद्र सिंह बघेल उम्र 34 वर्ष निवासी निवासी ग्राम इमलिया थाना पाली जिले जहानाबाद बिहार भी डकैती की साजिश में शामिल था और लूट के माल को ठिकाने लगाने में उसकी अहम भूमिका सामने आई है। उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार क्रमांक BR 11AR 7756, ओप्पो कंपनी का मोबाइल और 46 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने तीन दिन का रिमांड हासिल किया है।
15 मिनट में बैंक पर धावा, करोड़ों का सोना लेकर भागे थे बदमाश
विगत 17 अप्रैल को बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में पांच हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े धावा बोला था। बदमाशों ने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को हथियारों के बल पर काबू किया और बैंक मैनेजर के साथ मारपीट कर कैश और लॉकर तक पहुंच बनाई। इसके बाद बदमाश नकदी और गिरवी रखा सोना लेकर फरार हो गए। पूरी वारदात बेहद कम समय में अंजाम दी गई थी।
जांच में लूट की रकम को लेकर अलग-अलग प्रारंभिक आंकड़े सामने आए, लेकिन बाद की पुलिस जांच में करीब 22 लाख रुपये नकद और करोड़ो रुपये से अधिक कीमत का सोना लूटे जाने की जानकारी सामने आई। सोना बैंक में ग्राहकों द्वारा ऋण के एवज में गिरवी रखा गया था।
बिहार कनेक्शन ने खोली साजिश की परतें
वारदात के बाद सिंगरौली पुलिस ने आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश के साथ-साथ बिहार और ओडिशा तक जांच का दायरा बढ़ाया। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस को बिहार कनेक्शन मिला।
इसी जांच के दौरान बिहार से चंदन उर्फ चईया यादव और गुलशन को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर लूट की रकम और अन्य सामग्री को गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाने से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की टीम ने ओडिशा की कुचिंडा जेल में भी कार्रवाई की। वहां बंद एक आरोपी से जुड़े ठिकाने से नकदी, मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। वहीं पटना की बेऊर जेल में बंद एक अन्य आरोपी से जुड़े साक्ष्यों की भी तलाश की गई थी। इससे पुलिस को यह आशंका मजबूत हुई कि डकैती की साजिश जेल के भीतर और बाहर सक्रिय नेटवर्क के जरिए तैयार की गई थी।
अब राहुल राज की गिरफ्तारी से सामने आएगी नई कड़ी
12 अगस्त के पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक राहुल राज की भूमिका सिर्फ डकैती की साजिश तक सीमित नहीं थी। पुलिस को उसके द्वारा डकैती की योजना में शामिल होने और लूट के माल को ठिकाने लगाने में सहयोग करने की जानकारी मिली है। पुलिस ने उसे बिहार के जहानाबाद जिले के पाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार राहुल राज का संपर्क डकैती के सरगना पीयूष जायसवाल, विक्की कुमार तथा डकैती को अंजाम देने वाले फंटूस और उसके साथियों कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू से रहा है। पुलिस अब राहुल से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट के माल के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
46 हजार नकद और कार बरामद
राहुल राज के कब्जे से बरामद टाटा नेक्सॉन कार को पुलिस ने जांच में महत्वपूर्ण माना है। इसके अलावा ओप्पो मोबाइल और 46 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से डकैती की तैयारी, आरोपियों के संपर्क, फरारी के रास्ते और लूटे गए माल को ठिकाने लगाने से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
पहले जेल कनेक्शन, अब साजिश के सहयोगी तक पहुंची पुलिस
इस मामले की जांच में सामने आए घटनाक्रम से साफ है कि पुलिस धीरे-धीरे वारदात के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले डकैती को अंजाम देने वाले आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास हुए, फिर बिहार से चंदन उर्फ चईया यादव और गुलशन की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद जेलों से जुड़े कनेक्शन की जांच हुई और अब साजिश में अहम भूमिका निभाने वाले राहुल राज की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस का कहना है कि राहुल से पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में शेष आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
बैंक डकैती के बाद सामने आए बिहार और ओडिशा कनेक्शन ने जांच को सामान्य बैंक लूट से कहीं आगे बढ़ा दिया है। पुलिस अलग-अलग राज्यों में आरोपियों के संपर्क, उनके पुराने आपराधिक नेटवर्क, जेल में बंद आरोपियों से संबंध और लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने के रास्तों की जांच कर रही है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई में अब तक सामने आए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इन अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत और उप पुलिस महानिरीक्षक हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. के मार्गदर्शन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंहा और नगर पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहार जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई में डीएसपी अशोक सिंह परिहार, उपनिरीक्षक विनय शुक्ला, उदयचंद करिहार, पवन सिंह, शिवम सिंह चौहान, अमन वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक पप्पू सिंह, अरविंद द्विवेदी सहित पुलिसकर्मियों का योगदान रहा।

