लोकसभा ने ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल (ToLA)’ पारित किया।
बिल में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007, फाइनेंस एक्ट 2026 और इनकम टैक्स एक्ट 2025 में संशोधन का प्रावधान है।
बिल के बाद सोशल मीडिया पर ₹2,000 से अधिक की UPI पेमेंट पर MDR लागू होने की चर्चा तेज हुई।
RBI ने स्पष्ट किया कि अभी UPI पर MDR लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकार इस विषय पर अभी विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत किसी न किसी को वहन करनी होगी, लेकिन फिलहाल किसी शुल्क की घोषणा नहीं हुई है।
MDR (Merchant Discount Rate) वह शुल्क है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता को देता है।
बिल का उद्देश्य विदेशी निवेश बढ़ाना, ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाना भी है।
सरकार ने फिलहाल ₹2,000 से अधिक की UPI पेमेंट पर MDR लागू करने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

संवाददाता :- विवेक द्विवेदी
