शिकायत की धूल, कार्रवाई का अता-पता नहीं”प्राथमिक शाला गोड़हा में अवैध शिक्षक भर्ती: 1 हफ्ते बाद भी DEO मौन, ग्रामीणों में आक्रोश

सिंगरौली मे शिकायतों की फाइलों पर धूल जम रही है और शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। प्राथमिक शाला गोड़हा में अवैध शिक्षक भर्ती का मामला सामने आए 1 हफ्ता बीत गया, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अब तक एक कदम भी नहीं उठाया। न जांच, न कार्रवाई, न जवाब। नतीजा: ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर उतरने वाला है।

क्या था मामला?
पिछले हफ्ते ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि प्राथमिक शाला गोड़हा में अतिथि शिक्षक की भर्ती पूरी तरह नियम विरुद्ध की गई। बिना सूचना, बिना मेरिट सूची, बिना आवेदन प्रक्रिया के एक प्रभावशाली व्यक्ति के रिश्तेदार को सीधे नियुक्ति दे दी गई। शिकायत के साथ सबूत और वीडियो भी सौंपे गए थे।

सरकार का रिस्पॉन्स: जीरो
शिकायत के बाद ग्रामीण DEO ऑफिस के चक्कर काट-काट कर थक गए। हर बार “जांच चल रही है” कहकर टरका दिया जाता है। उधर स्कूल में लीपापोती जोरों पर है। आरोप है कि पुराने रजिस्टर बदले जा रहे हैं और दस्तावेज गायब किए जा रहे हैं ताकि सबूत ही न बचे।

एक ग्रामीण ने कहा:
हमने सबूत के साथ शिकायत की थी। सोचा था 2 दिन में एक्शन होगा। लेकिन लगता है साहब लोग उसी शिक्षक से मिले हुए हैं। बच्चों का भविष्य बेचा जा रहा है और सरकार तमाशा देख रही है।”

3 बड़े सवाल शिक्षा विभाग से:

  1. भर्ती की फाइल कहां है? मेरिट सूची क्यों नहीं दिखाई गई?
  2. 1 हफ्ते में जांच क्यों नहीं हुई? किसका संरक्षण प्राप्त है?
  3. स्कूल में दस्तावेज क्यों बदले जा रहे हैं? क्या विभाग इसमें शामिल है?

ग्रामीणों का अल्टीमेटम
अब ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया है। उन्होंने कलेक्टर को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांग है:

  1. तुरंत अवैध नियुक्ति रद्द हो
  2. दोषी अधिकारी और स्कूल प्रबंधन पर FIR हो
  3. नए सिरे से पारदर्शी भर्ती हो

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।

शिक्षा पर सवाल
सरकार “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि पात्र शिक्षकों को दरकिनार कर अयोग्य लोगों को बैठाया जा रहा है। इसका खामियाजा गोड़हा के मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

DEO कार्यालय से इस संबंध में संपर्क करने पर कोई अधिकारी बयान देने को तैयार नहीं था।

रिपोर्ट: [वर्ल्ड इनफॉरमेशन न्यूज़ से संवाददाता विवेक कुमार द्विवेदी ]
नोट: ये खबर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है।


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