सहारा इंडिया सहित विभिन्न चिटफंड कंपनियों में जमा राशि के भुगतान की मांग को लेकर सरई के गांधी चौक पर सहारा एवं चिटफंड पीड़ित परिवार बचाओ आंदोलन का आगाज किया गया। पीड़ि़त जमाकर्ताओं और कार्यकर्ताओं ने क्रमिक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
धरने पर बैठे जमाकर्ताओं ने बताया कि वर्षों से उनकी गाढ़ी कमाई इन कंपनियों में फंसी हुई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल पर आवेदन करने के बावजूद भुगतान नहीं हो रहा है। पोर्टल पर नाम में मामूली अंतर, दस्तावेजों में त्रुटि और बैंक खाते से संबंधित विसंगति बताकर दावों को डिफिशिएंसी में डालकर वापस किया जा रहा है। इससे ग्रामीण एवं कम पढ़े-लिखे जमाकर्ता सबसे ज्यादा परेशान हैं। आंदोलन के संयोजक आत्माराम पाठक ने कहा कि सरकार को स्थानीय स्तर पर भौतिक सत्यापन केंद्र पुन: शुरू करने चाहिए। स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन और आवेदन की त्रुटियों का सुधार आसानी से हो सकता है। धरना-प्रदर्शन के दौरान अन्य चिटफंड कंपनियों के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि बीयूडीएस एक्ट 2019 के तहत पूर्व में प्रस्तुत आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और संबंधित कंपनियों की संपत्तियों को कुर्क कर पात्र जमाकर्ताओं को भुगतान दिलाया जाए।

